अब शुरूआत होने जा रही है असली घमासान की, जब भिडेगीं विश्व की दो सबसे मजबूत टीमें। एक है विश्व की नं0-1 टेस्ट क्रिकेट टीम, तो दूसरी विश्व रैकिंग में नं0 2 टेस्ट टीम। किसी भी मेजबान टीम को उसके घर में हराना, दूसरी टीम के लिए हमेशा से ही बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है और इसमें भी अगर पूर्व रिकार्ड खराब रहा हो तो ये कार्य और भी मुश्किल लगने लगता है। पर किसी को भी ये नही भूलना चाहिए की क्रिकेट अनिश्चताओं का खेल हैं, कभी भी कुछ भी संभव है।
जहाँतक भारतीय क्रिकेट टीम का प्रश्न है, भारतीय क्रिकेट टीम के पास मजबूत बैटिंग लाइन-अप मौजूद है। सचिन तेन्दुलकर, राहुल द्रविड, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर तथा कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी मौजूदगी टीम को काफी सशक्त बनाती है, जबकि गेंदबाजी आक्रमण की कमान जहीर खान और पिछले अफ्रीकी दौरे के हीरो श्रीशंत पर है। वही हरभजन सिंह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल दिखाने के लिए ललायित है।
दक्षिण अफ्रीका की टीम भी भारतीय टीम की समान ही संतुलित है। दक्षिण अफ्रीका टीम के पास भी सशक्त बैटिंग लाइन अप मौजूद है औऱ कप्तान ग्रीम स्मिथ, ए0वी0 डिवीलियर्स की टीम में मौजूदगी इसे औऱ भी अधिक मजबूत बनाती है। टीम में एक से बढकर एक तेज गैंदबाज मौजूद है। डेल स्टेन औऱ मार्केल की मौजूदगी तेज गेंदबाजी को काफी धार प्रदान करती है।
पूरे दौरे के दौरान देखने वाली बात ये होगी कि मेजबान, भारतीय टीम के लिए कैसी पिचें तैयार करता है। यद्यपि पूर्व रिकार्ड भारतीय टीम के विरूद्व ही जाता है, परन्तु यह भी देखना अहम होगा कि पिछले कई विदेशी दौरे में भारतीय टीम ने कई बढे उलट-फेर किये है। यदि दक्षिण अफ्रीका के मैदानों में तेज पिच तैयार की जाती है तो दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम को भी काफी सचेत रहने की जरूरत होगी क्योंकि भारतीय टीम के पास भी कई तेज गेंदबाज मौजूद है,जो विरोधी खेमें में अकेले ही हलचल मचा सकते है।
अब सीरीज का नतीजा कुछ भी हो, पर इतना तो कहा ही जा सकता है कि मुकाबला एक-तरफा नही होगा।







